Friday, December 27, 2024

त्रिनेत्र तपस्या..?

तीसरी आंख थर्ड आई दिव्य चक्षु..
      तीसरी आंख के जाग्रत होने पर ब्रह्मांड में कार्य करने वाले बहुत से नीति नियमों का ज्ञान हो जाता है जैसे कि "आ कर्षण का नियम् " !  यह नियम् कैसे कार्य करता है तब ही अच्छे से समझ में आता है जब तीसरी आंख पूरी जाग्रत हो उससे पूर्व व्यक्ति इसको समझने का बहुत प्रयास करता है किंतु सही तरीके से समझ नहीं पाता न ही इसका उपयोग नहीं कर पाता है ! 
 जानते हो ऐसा क्यों होता है ..??? सोचो ..सोचो खूब सोचो..
   क्योंकि वह जो कुछ भी इसके द्वारा पाना चाहता है वह सब वही होता है जो भौतिक आंखें दिखाती हैं लेकिन यह नियम् हमारी दोनों आंखों का प्रयोग नहीं वरन् यह तो "तीसरी आंख का नियम् है और उसी से संबंधित है ! ये आ कर्षण का नियम् वह नहीं देता है जो आप मांगते हो अपितु वह देता है जिसको पाने के लिए स्वयं को तैयार किए हो ! 

 तो जब भी किसी की तीसरी आंख जाग्रत हो जाती है तो ऐसे व्यक्ति को कमाल की कल्पना शक्ति और रचनात्मक शक्ति दे देती है जिसकी माध्यम से वह बहुत कुछ ऐसी रचना कर पाता है जिसे देख सुन और महसूस करके लोग आश्चर्यचकित रह जाते हैं और खुशी से भर जाते हैं ! उसी से वे नाम प्रसिद्धि प्रेम सब कुछ पा जाते हैं ! ( आपने बहुत से उदाहरण देखे होंगे उनका नाम लेना उचित नहीं ...)

तो जब भी किसी व्यक्ति की तीसरी आंख पूरी तरह से जाग्रत हो जाती है तो उसकी चेतना समय और जीवन के कई सारे आयाम से सीधा ही कनेक्ट होने के साथ साथ बहुत सारी प्रेरणा - उत्साह पाने लगती है ! व्यक्ति बहुत सी संभावनाओं से भर जाता है ! व्यक्ति किसी भी दूसरे के बारे में बिल्कुल सटीक भविष्यवाणी करने में सक्षम हो जाता है क्योंकि ऐसा व्यक्ति  किसी घटना को घटने से पूर्व शुरुआती से आंकलन लगाने में सफल होने लगते हैं कि क्या क्या घटने वाला हैं ! जिससे वो स्वयं को और साथ ही साथ दूसरों को अनचाही मुसीबतों से बचाने में सफल हो जाता  हैं ! कुछ लोग तो इतने ताकतवर भी बन जाते हैं कि घर ऑफिस विवाह समारोह आदि में घुसते ही या किसी का फेस लुक देखते ही उसके औरा एनर्जी मानसिक स्थिति आदि का भी बिल्कुल सही से अंदाजा लगा लेते हैं बल्कि यह कहना ज्यादा सही रहेगा कि इन लोगों को स्वयं ही यह सब कुछ पता चल जाता है ! ( उदाहरण बहुत है आपने अवश्य ही देखा सुना होगा ऐसे लोग भी इस पटल पर हैं )

गहनता से समझें :--  जब भी किसी की थर्ड आई पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाती है तो ऐसे लोग ऐसी ऐसी चीजों को देखने और महसूस करने लगते हैं जो कि साधारण आंखों से दिखाई ही नहीं देती है , जैसे कोई कोई व्यक्ति आत्माओं के संसार से जुड़ जाता है जिस संसार में आत्माएं अपने सूक्ष्म रूप में रहती है ! ऐसा व्यक्ति हर तरह के व्यक्ति की आत्मा से सही से संपर्क कर पाता है और उसको कुछ करने का आदेश तक भी भेज सकता है जिसको सामने वाली आत्माओं को पालन भी करना पड़ता है ! जो लोग अपनी  तीसरी आंख के चलते आत्माओं के संसार से कनेक्ट हो जाते हैं तो ये लोग ऐसे होते हैं जिनसे बुरी आत्माएं भयभीत होने लगती है ( ऐसे भी कुछ लोग आपको इसी पटल पर मिल जाएंगे यदि ढूंढोगे सर्च करोगे तो ही ) !

 तो जब भी किसी की थर्ड आई पूरी तरह से जागृत हो जाती है  तो ऐसे व्यक्ति को पहली बार महसूस होने लगता है कि यह ब्रह्माण्ड एक विशेष प्रकार की ऊर्जा बना हुआ है और उसी पर कार्य करता है प्रत्येक चीज़ अपनी फ्रीकवेंसी पर कार्य कर रही है ! इसी कारण इस बात पर जोर दिया जाता है कि आपको भी अपनी फ्रीकवेंसी को बदलना आना चाहिए जिसकी सहायता से कोई भी व्यक्ति एक ही मिनट में कई सारी एनर्जी और वाइब्रेशंस को महसूस कर सकता है ! अपने माइंड को शरीर पर तुरंत ही अलग-अलग प्रभाव दे सकता है !  लेकिन यह सब कैसे होगा आने वाले लेख में समझेंगे ..!!

No comments:

Post a Comment